Npa क्या होता है ? Loan npa कब बन जाता है -Npa full details in Hindi

Npa Kya Hota Hai In Hindi – What is npa in Hindi ,Npa full form in Hindi ,Npa meaning in Hindi – दोस्तों कभी आपने सोचा है कि Bank  पैसा कैसे कमाता है और बैंक द्वारा कमाई जाने वाले पैसे को क्या कहते हैं Npa क्या होता है जब बैंक किसी घाटे में जाता है उसको क्या कहते हैं जैसा कि आप जानते हो वर्तमान समय में भारत के अंदर लगभग चार से पांच व्यक्ति सरकार के पैसे का अर्थात सरकारी बैंक से कर्ज लेकर विदेश भाग चुके हैं चाहे वह नीरव मोदी हो या किंगफिशर एयरलाइंस का मालिक विजय माल्या हो हर बार सरकारी बैंक का पैसा ही यह लोग लेकर भाग जाते हैं 

क्योंकि यह लोग सरकारी बैंक से पैसा लोन के रूप में लेते हैं और चुका नहीं पाते हैं तो Defaulter  होकर देश छोड़कर भाग जाते हैं इस हालात में लोन Npa (Npa क्या होता है )  की स्थिति में पहुंच जाता है दोस्तों आपने भी कभी ना कभी Npa (Npa Kya Hota Hai)   के बारे में सुना होगा तो आपने सोचा ही होगा कि यह Npa क्या होता है  और Loan npa में कब बदलता है 

दोस्तों इस लेख को शुरू से लेकर अंत तक अवश्य पढ़ें इसमें आप जाने वाले हो कि Npa  क्या होता है – What is npa in Hindi,Npa meaning in Hindi ,Npa कितने प्रकार का होता है ,Npa की वसूली किस प्रकार की जाती है चलिए जानते हैं 

Npa क्या होता है ? Loan npa कब बन जाता है -Npa full details in Hindi
Npa क्या होता है ? Loan npa कब बन जाता है -Npa full details in Hindi

Npa क्या होता है – What is npa in Hindi 

Npa kya hota hai – Npa in Hindi – दोस्तों Npa Bank  द्वारा किसी भी कर्जदार को दिया गया ऐसा लोन या ऋण होता है जिसे वह कर्जदार चुकाने में असमर्थ हो या कर्जदार बैंक को वह लोन या ऋण नहीं चुका पा रहा हो उस स्थिति में उस Loan  को बैंक Npa  कहता है अर्थात Non performing assets  

दोस्तों बैंक Loan  देकर उनसे ब्याज के रूप में पैसा कमाता है लोन के पैसे को वह Assets  की तरह उपयोग में लेते हैं और वह Assets  बैंक को ब्याज के रूप में रुपए कमा कर दे रहा होता है इसकी अवधि तय होती है इसकी अवधि लगभग 3 महीने की होती है 

यदि कोई लोन 3 महीने से ज्यादा समय तक वापस नहीं आता है या वह लोन 3 महीने से अधिक समय तक बैंक को किसी प्रकार की इनकम नहीं दे पा रहा है तो वह Npa  घोषित हो जाता है अर्थात Non performing assets कहलाता है 

वर्तमान समय में भारतीय सरकारी बैंकों के ऊपर लगभग 8 लाख करोड रुपए का एनपीए घोषित हो चुका है अर्थात इतने रुपए लोग लोन लेकर गए हैं लेकिन वापस चुकाने में असमर्थ हो चुके हैं 

 

Npa full Form in Hindi – Npa full form 

Npa full Form in Hindi – Npa का full form ‘Non performing assets’ होता है जिसका अर्थ होता है कि गैर निष्पादित संपत्ति अर्थात ऐसा संपत्ति जिससे कोई इनकम ना हो रही हो Npa से देश की अर्थव्यवस्था और बैंकिंग सेक्टर में बहुत गहरा प्रभाव पड़ता है 

 

Npa meaning in Hindi – Npa Hindi meaning

Npa meaning in Hindi – दोस्तों Npa का Hindi meaning अर्थात हिंदी में मतलब होता है  ‘ गैर निष्पादित संपत्ति ’ जिसे हम Non performing assets  भी कहते हैं

 इसका अर्थ यह होता है कि ऐसी संपत्ति जिसके द्वारा कोई भी कमाई नहीं हो रही हो अर्थात किसी प्रकार की कोई  आय नहीं हो रही हो लो अक्षर लोन लेकर देने से मुकर जाते हैं और एनपीए की श्रेणी में घोषित कर दिया जाता है 

 

Loan npa कब बन जाता है – Loan amount npa kab ho jata hai 

दोस्तों जब भी कोई बैंक किसी को लोन देता है या फाइनेंस करता है तो उसकी भरपाई के लिए वह 3 महीने का समय देता है अर्थात लोन को चुकाने के लिए वह 3 महीने का समय देता है कि आपको 3 महीने के अंदर किस्ते जमा करनी होती ही है 

यदि बैंक द्वारा दिए गए कर्जे  की EMI को कोई व्यक्ति पहले महीने नहीं दे पाता है दूसरे महीने भी नहीं दे पाता है और तीसरे महीने भी नहीं दे पाता है इस प्रकार कुल मिलाकर 90 दिन में उसे एक किस तो देनी होती है यदि वह नहीं दे पाता है तो वह लोन या आर्थिक सहायता बैंक का एनपीए श्रेणी के अंदर चला जाता है 

यदि कोई भी बैंक द्वारा दिया गया ऋण की किस्त 3 महीने के अंदर छुपाई नहीं जाती है तो वह एनपीए की श्रेणी में चला जाता है अर्थात एनपीए कहलाता है इसके बाद बैंक लेनदार को नोटिस भेजता है और जो अधिकार में कार्यवाही होती है वह कार्यवाही करता है 

 

Npa कितने प्रकार का होता है – Types of npa in Hindi

Npa के प्रकार – Types of npa in Hindi – दोस्तों एनपीए बैंक द्वारा दिए गए ऋण को न चुका पाने की स्थिति में बनता है लेकिन ऋण को चुकाने के स्थिति के हिसाब से Npa  3 प्रकार का होता है 

Sub standard assets – उप मानक संपत्ति 

दोस्तों यदि कोई लेनदार व्यक्ति बैंक के ऋण को 90 दिन में नहीं चुका पाता है तो वह Npa  की श्रेणी में आ जाता है यदि वह व्यक्ति 1 साल के अंदर उस ऋण को चुकाने में समर्थ हो जाता है 

तो वह Npa  Sub standard assets – उप मानक संपत्ति  की श्रेणी में चला जाता है अर्थात Sub standard assets – उप मानक संपत्ति कहलाता है 

 

Doubtful assets – संदिग्ध संपत्ति 

जब बैंक द्वारा दिए गए लोन को कोई भी व्यक्ति चुकाने की बात करता है लेकिन वह किसी प्रकार का कोई लोन नहीं चुकाता है किसी प्रकार का ब्याज नहीं देता है तो इसे बैंक की दृष्टि में  Doubtful assets – संदिग्ध संपत्ति  कहां जाता है 

 

Loss assets – हानि संपत्ति 

जब मैं के द्वारा दिए गए किसी लोन पर एक साल तक या 90 दिन के अंदर किस प्रकार का ब्याज नहीं मिलता है तो और  1 साल तक उसे कोई चुका नहीं पाता है तो उसे Loss assets – हानि संपत्ति की श्रेणी में डाल दिया जाता है 

 

Loan Npa कैसे बनता है – Npa Kaise banta hai  

Loan Npa कैसे बनता है – बैंक द्वारा दिए गए लोन या ऋण एनपीए में तभी बदलता है जब लेनदार उसे चुकाने में असमर्थ हो अधिकांश लेनदार बड़े-बड़े व्यापारी और उद्योगपति होते हैं जो कि लोन ले लेते हैं और उसे ना चुकाने की स्थिति में डिफाल्टर होकर देश छोड़कर भाग जाते हैं और बैंक को बड़े नुकसान में डाल देते हैं 

बैंक भी कभी-कभी उद्योग पतियों को बिना उनके बैकग्राउंड हिस्ट्री को जाने लोन दे देती है कभी-कभी सरकारी पद का हवाला देकर भी लोन दिलवा दिया जाता है जब वह न चुका पाने की स्थिति में होता है तब बैंक को बहुत बड़ा नुकसान होता है और वह लोन एनपीए बन जाता है 

 

Npa कैसे बढ़ रहा है – Why increase npa in banking Loans 

दोस्तों Npa बढ़ने का मुख्य कारण बैंक द्वारा ऐसे व्यक्तियों को लोन दिया जाना है जो कि बाद में लोन या तो नहीं चुका पाते हैं या चुकाना ही नहीं चाहते हैं और देश छोड़कर भाग जाते हैं उदाहरण के लिए नीरव मोदी या विजय माल्या जैसे बिजनेसमैन जो कि पैसे चुकाने में समर्थ है  लेकिन पैसा चुकाना नहीं चाहते और सारा पैसा लेकर विदेश भाग जाते हैं 

RBI  के द्वारा अर्थात Reserve Bank of India के द्वारा प्रकाशित एक रिपोर्ट में साल 2015 में टोटल एनपीए 323464 करोड रुपए था जो कि 2018 में बढ़कर 10,35 , 528 करोड रुपए हो गया 3 साल में एंट्री की राशि 3 गुना बढ़ जाती है और यह बैंकिंग सिस्टम के लिए बिल्कुल भी अच्छा नहीं है इससे देश की अर्थव्यवस्था चरमरा सकती है 

 

Npa की वसूली कैसे की जाती है – How to recover npa 

Npa की वसूली करने के लिए बैंक के पास में कई प्रकार के हथकंडे होते हैं और अधिकार होते हैं लेकिन बैंक अपनी इमेज और छवि को बरकरार रखने के लिए ज्यादा हथकंडे नहीं आज माता है बल्कि वह उन्हीं रास्तों को अपनाता है जो कि कानून की दृष्टि में सही हो 

बैंक Npa की वसूली  के लिए लेनदारओ के द्वारा जमा की गई गारंटी संपत्ति अर्थात सोना जमीन या कंपनी के शेयर को बेच कर Npa की वसूली  करती है कभी-कभी यह इनकी नीलामी कर देती है

 अब Npa की वसूली  के लिए Bad Bank की स्थापना की गई है जो कि Npa की वसूली  बिल्कुल सही है किसी भी बैंक को डूबने से बेड बैंक बचा सकती है 

 

भारत में Total Npa  कितना है – Total Npa of India 

भारत में Total Npa – Total Npa of India – दोस्तों भारत का Total npa  अर्थात भारत के बैंकों द्वारा दिए गए लोन में टोटल एनपीए वित्तीय वर्ष 2018 से लेकर 2021 तक  लगभग 6.17 खरब (6.17Trillion Indian rupees) रुपए है 

भारत के स्टेट बैंक ऑफ इंडिया का टोटल एनपीए लगभग – अभी मार्च की तिमाही में लगभग 1 ,26 ,389 करोड इंडियन रुपए का था 

दूसरे नंबर पर पंजाब नेशनल बैंक है और तीसरे नंबर पर बैंक ऑफ बड़ौदा बैंक है इन तीनों का टोटल एनपीए बहुत ही ज्यादा है 

 

India के पांच बैंक जिनका Total npa ज्यादा है – India’s 5 banks total npa  

 

Total npa of State Bank of India – 

भारतीय बैंक State Bank of India का Total npa अभी 2018 से लेकर 2021 तक के वित्तीय वर्ष में लगभग 126389 करोड रुपए है जो कि पूरे भारत में सर्वाधिक एनपीए वाला बैंक साबित होता है 

Total npa of Punjab National Bank

भारत का दूसरा सबसे बड़ा बैंक Punjab National Bank का Total npa मार्च 2021 की रिपोर्ट के अनुसार लगभग 1044. 23 करोड भारतीय रुपए है 

Total npa of Union Bank of India 

Union Bank of India का Total npa अर्थात कुल एनपीए राशि लगभग 898 करोड़ भारतीय रुपए है

Total npa of Bank of Baroda 

ऐसे ही Bank of Baroda का टोटल एनपीए लगभग 666 करोड रुपए है 

Total npa of Bank of India 

बैंक ऑफ इंडिया का टोटल एनपीए लगभग 565 करोड रुपए है 

Conclusion

दोस्तों अभी तक आपने जाना है कि Npa  क्या होता है – What is npa in Hindi,Npa meaning in Hindi ,Npa कितने प्रकार का होता है ,Npa की वसूली किस प्रकार की जाती है 

आशा करता हूं कि आपको यह लेख अच्छा लगा होगा और इससे आपको एक महत्वपूर्ण जानकारी मिली होगी दोस्तों इस लिंक को अपने फ्रेंड सर्कल और व्हाट्सएप ग्रुप और फेसबुक पर अवश्य शेयर करें 

About Dhirendra singh

मेरा नाम Dhirendra Singh Bisht है और मैं इस Technet ME फाउंडर और owner हूं , दोस्तों मैंने अभी अपनी डिग्री पूरी की है और मुझे लोगों की समस्याओं का हल करना अच्छा लगता है और मुझे लोगों को नई नई चीजें सिखाने में और Technology Business Banking ,Marketing के बारे में अच्छी जानकारी है

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