MICR code Kya hai – MICR कोड क्या होता है – MICR कोड कैसे पता करें (MICR Meaning in Hindi )

MICR code Kya hai – MICR कोड क्या होता है – MICR कोड कैसे पता करें (MICR Meaning in Hindi )  MICR code Ful form in Hindi दोस्तों कभी भी हम बैंक में चेक के माध्यम से पेमेंट करते हैं या कोई बड़ी लेनदेन चेक के माध्यम से की होगी या कभी भी आप, बैंक में चेक के द्वारा ट्रांजैक्शन करने गए होंगे तो आपने MICR code के बारे में अवश्य सुना होगा

MICR code का उपयोग वैसे तो बड़े-बड़े बिजनेस में मनी ट्रांजैक्शन करते समय किया जाता है लेकिन अक्सर MICR codeका use  NEFT, RTGS  जैसी पेमेंट मेथड का उपयोग करते समय किया जाता है

किसी भी बैंक का कोड जैसे IFSC code  और MICR code यह शब्द भले ही बहुत छोटे हो लेकिन इनका उपयोग बहुत ही  महत्वपूर्ण होता है इनकी अपने आप में एक अलग भूमिका होती है अतः आपको IFSC code  और MICR code जैसी छोटी मोटी जानकारी रखना बहुत ही आवश्यक है

क्योंकि हमें IFSC code और MICR code जैसे codes की कभी भी आवश्यकता पड़ सकती है इनके बिना बैंक में कोई भी  बड़ी लेनदेन मैं प्रभाव पड़ सकता है या  उन में दिक्कत आ सकती है चलिए जानते हैं  MICR code क्या है in hindi  MICR code कैसे पता करें IFSC code और MICR code के मध्य क्या अंतर है

MICR कोड क्या होता है -  MICR कोड कैसे पता करें (MICR Meaning in Hindi )

MICR code kya hai – MICR कोड क्या होता है – micr code kya hota hai

MICR code kya hai in hindi. दोस्तों MICR code किसी भी बैंक का  एक प्रकार का ब्रांच कोड होता है जिसे हम Magnetic ink character Recognition ( MICR) code भी कहते हैं यह किसी भी बैंक के एक विशेष ब्रांच को पहचानने में मदद करता है

MICR code इलेक्ट्रॉनिक क्लीयरिंग सिस्टम ( Electronic clearing system ) के ऊपर आधारित होता है इनको हम अक्सर किसी भी बैंक  के एक चेक के ऊपर देख सकते हैं  MICR code हमें अक्सर किसी भी बैंक खाता धारक के पासबुक के अंदर देखने को मिल जाता है

दोस्तों जब भी हम किसी एक Cheque  को बड़े गौर से देखते हैं तो उनके ऊपर  कुछ अंक होते हैं उनके ही जस्ट नीचे Magnetic ink Bar Print होते हैं इन्हीं मैग्नेटिक इंक वार को MICR code  कहा जाता है  दोस्तों इसको MICR code  नाम इसकी Magnetic ink character Recognition टेक्नोलॉजी के कारण  दिया गया है

जब भी हम किसी चेक को मशीन में डालते हैं तो वह इन Magnetic ink Bar को रीड कर लेता है अर्थात पढ़ लेता है और हमारी लेनदेन को  सही तरीके से पूरा करता है और सुरक्षित बनाता है अक्सर इसका प उपयोग मनी ट्रांसफर जैसे कार्यों में किया जाता है

इनके अलावा MICR code का उपयोग ऑनलाइन मनी ट्रांसफर के अंदर भी किया जाता है RBI  कि द्वारा  प्रत्येक बैंक को  MICR code प्रदान किया जाता है ताकि आरबीआई को Bank Branch  पहचानने में मदद मिले

 

MICR code का फुल फॉर्म :- MICR code Full form In Hindi 

दोस्तों MICR code का Full form – Magnetic ink character Recognition ( MICR) code होता है

इसका उपयोग चेक के माध्यम से लेनदेन करते समय किया जाता है यह हमारे चेक को सुरक्षित बनाता है और हमारी लेनदेन को सुरक्षा  प्रदान करता है

 

MICR का मतलब क्या होता है ? – MICR meaning in hindi 

दोस्तों इस के नाम में ही इसका (MICR code meaning in hindi)  हिंदी में मतलब छुपा हुआ है  मैग्नेटिक इंक कैरेक्टर  रिकॉग्निशन  यह हमारे चेक के ऊपर स्थित 9 अंकों का समूह होता है

जब हम चेक को मशीन में डालते हैं तो वह मशीन इन अंकों को पढ़ लेती हैइसी के  आधार पर हमारा लेनदेन  पूरा करवाती है और पैसे को सही अकाउंट में जमा करती है

 

MICR code की शुरुआत कब हुई थी –  (MICR code start use  in hindi) 

दोस्तों भारत में बैंक की शुरुआत अंग्रेजों के समय से हुई थी आजाद भारत में MICR code टेक्नोलॉजी की शुरुआत सन 1980 में किया गया था इसी साल इस Electronic clearing system  टेक्नोलॉजी का उपयोग बैंकों में किया गया था

इससे पहले चेक  के द्वारा पेमेंट बैंक कर्मचारी खुद करते थे जो थोड़ा मुश्किल हुआ करता था हालांकि हो जाता था इस तकनीक के आ जाने के कारण  चेक क्लीयरिंग में होती आसानी हो चुकी है

 

MICR code का निर्धारण कैसे होता है – (How make MICR code in hindi)

MICR code दोस्तों जब भी आप किसी बैंक के चेक को  देखते हो तो उसके ऊपर 9 अंकों के समूह समूह होता है

जैसे किसी बैंक का MICR code 302-002-002 है तो इसमें

जिसमें पहले तीन अंक (1-3) किसी शहर का नाम बताते हैं

तो दोस्तों ऊपर दिए गए MICR code  के पहले तीन  अंक (302) जगह की जानकारी देते हैं जो कि राजस्थान के जयपुर के शहर की है  यह 3 अंक उस शहर के पिन कोड से संबंधित होते हैं या Pin code  जैसे  दिखाई देते हैं

इसलिए उपरोक्त दिया गया MICR code 302  से शुरू होता है

और 4 से 6 अंक (4-6) बैंक के बारे में जानकारी देते हैं

 

दोस्तों आरबीआई द्वारा प्रत्येक बैंक को 3 अंकों का एक Digit  दिया जाता है  जो कि उस बैंक के बारे में जानकारी देता है  स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (sbi)  का कोड 002  है

यह 3 अंकों का कोड हमेशा ही 4 से 6 नंबर के मध्य आता है संपूर्ण भारत में एसबीआई बैंक की शाखा कहीं पर भी हो उसका यही कॉल रहेगा ऐसे ही जयपुर में स्थित SBI  की शाखा का कोड 002  है

 

अंत के तीन अंक (7-9) बैंक के ब्रांच के बारे में जानकारी देता है

 

दोस्तों आखिरी के तीन  अंक जो कि (7-9)  है वे सीरियल नंबर होते हैं जैसे ही एक ही शहर में एसबीआई बैंक के 5 शाखाएं हैं अर्थात ब्रांच हैं तो उनका सीरियल नंबर फिक्स कर दिया जाता है जैसे 001,002

ऐसे ही जयपुर में SBI बैंक की तीन चार शाखा होने के कारण इसका ब्रांच कोड 002  है ऐसे हमें बैंक की ब्रांच के बारे में पता मिलता है

 

 

 MICR code कैसे पता करें – micr code kaise pata kare

दोस्तों किसी भी बैंक का MICR code पता करने के लिए कई सारे तरीके हो सकते हैं उनमें से कुछ सही और सटीक तरीके हैं  जो कि निम्नलिखित है

Website के द्वारा MICR code कैसे पता करें

दोस्तों आपको वेबसाइट के माध्यम से MICR code  सर्च  करने के लिए आपको सबसे पहले

  1.   सबसे पहले आपको MICR code search Website कि किसी एक अच्छी वेबसाइट  पर जाना है
  2.   वह जाकर आप को सेलेक्ट बैंक का ऑप्शन पर क्लिक करना है बैंक को सेलेक्ट करना है
  3.   बैंक सेलेक्ट करने के बाद में अपने राज्य का भी चुनाव करना है आपका राज्य कौन सा है
  4.   राज्य को सही करने के बाद में आपके सामने डिस्ट्रिक्ट का चुनाव करना होता है अर्थात अपने जिले को सेलेक्ट करें
  5.   अपने जिले के अंदर जिस भी बैंक का MICR code  प्राप्त करना चाहते हो उस पर क्लिक करें आपको MICR code  मिल जाएगा

 

Cheque के माध्यम से 

 

दोस्तों यदि आप MICR code  सर्च करना चाहते हैं तो यदि आपके पास में  Cheque बुक होती है इसमें आपको कोई चिंता करने वाली बात नहीं है

किसी एक चेक के ऊपर करके देखिए आप को MICR code  मिल जाएगा

 IFSC code और MICR code में अंतर – IFSC और MICR कोड में क्या अंतर है?

  1.   दोस्तों भारत में IFSC code को मुख्य रूप से electronic money transfer  के लिए विकसित किया गया था इसके कारण दो बैंकों के मध्य आसानी से लेनदेन हो जाता है

जबकि  MICR code का विकास दो बैंकों के मध्य Cheque clearing processing  को fast  करने के लिए किया गया था वर्तमान में इसका उपयोग जारी

  1.   दोस्तों  IFSC code  एक 11  अंको का समूह होता है जो कि सिर्फ  बैंक की ब्रांच के बारे में  जानकारी देता है

और MICR code  एक 9  अंको का समूह होता है  उसका कार्य भी बैंक के ब्रांच और शहर की जानकारी देना होता है इसका मुख्य उद्देश्य  चेक द्वारा पेमेंट को फास्ट और सुरक्षित बनाना है

  1.   IFSC code का उपयोग ऑनलाइन लेनदेन करने में अर्थात ऑनलाइन पेमेंट मेथड IMPS , RTGS  का उपयोग करने के लिए होता है

और MICR code का उपयोग सिर्फ चेक द्वारा पेमेंट करने के लिए किया जाता है इसका मुख्य उद्देश्य पेमेंट को सुरक्षित बनाना और आसान करना है

 

 MICR code Cheque processing को Fast  कैसे बनाता है 

दोस्तों पुराने समय में जब इस तकनीक का  उपयोग भारतीय बैंकिंग सिस्टम में नहीं था तब Cheque का निस्तारण बैंक के कर्मचारियों के हाथों द्वारा होता था उस समय गलती होने की बहुत ही चांस होते हैं

जब भी हम किसी चैट को क्लियर करने के लिए  मशीन में डालते हैं तो वह  Magnetic ink character Recognition  तकनीक के कारण  MICR code Magnetic ink Bar को पढ़ लेती है अर्थात रीड कर उसको समझ जाती है और बड़ी जल्दी ही और आसानी से पेमेंट हो जाती है

 

MICR code का  Advantage क्या है  in Hindi 

MICR code का सबसे बड़ा Advantage  अर्थात फायदा यह है कि  जब भी हम किसी चेक के द्वारा पेमेंट करते हैं तब वह पेमेंट बड़ी सुरक्षा के साथ में आसानी से हो जाती है

MICR code के कारण Cheque  की मशीन के अंदर रीडेबिलिटी बढ़ जाती है अर्थात वह मशीन  Cheque को आसानी से पढ़ लेती है चाहे उस पर छोटे-मोटे धब्बे क्यों ना हो

Magnetic ink character Recognition टेक्नोलॉजी के कारण  बैंक में चेक के द्वारा पेमेंट करने पर बहुत ही कम गलतियां होती है जबकि पहले कुछ गलतियां हो जाती थी अब गलती ना के बराबर होती है

Magnetic ink character Recognition तकनीकी और MICR code स्केनर की वजह से बैंक का एक बहुत बड़ा समय बचता है

MICR code का  Disadvantage क्या है in Hindi 

दोस्तों जिस चीज का फायदा होता है उस चीज के कुछ कुछ नुकसान भी हो सकते हैं  इसके कुछ ज्यादा नुकसान नहीं है जो भी है छोटे मोटे हैं चलिए जानते हैं

दोस्तों MICR code  की टेक्नोलॉजी बहुत ही महंगी आती है और MICR code  को प्रिंट करने के लिए जो ink  आती है वह भी बहुत ही स्टैंडर्ड या उत्तम क्वालिटी होती है जो कि थोड़ी महंगी होती है

MICR code यह तकनीक थोड़ी महंगी होने के कारण MICR code को read करने के लिए  जो मशीन आती है अर्थात MICR code  स्केनर आता है वह भी बहुत महंगा आता है और खराब हो जाए तो बहुत ज्यादा खर्चा होता है

 

                     Conclusion

दोस्तों मुझे आशा है कि आप अभी तक जान चुके होंगे  MICR code Kya hai ine Hindi, Bank ka MICR code yah Kaise Pata Karen , MICR code Ka fayda kya hai  दोस्तों आशा करता हूं कि  आपको इस लेख के माध्यम से MICR code  के बारे में पर्याप्त जानकारी मिली होगी दोस्तों इस लेख को अपने दोस्तों रिश्तेदारों और फ्रेंड्स के ग्रुप में अवश्य शेयर करें ताकि उनको भी  यह महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त हो

इससे संबंधित आपको कुछ भी प्रश्न हो तो आप नीचे कमेंट बॉक्स में अवश्य कमेंट करें ताकि मैं उन समस्याओं को हल कर सकूं

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न – FAQ


IFSC और MICR कोड में क्या अंतर है?

IFSC एक 11-अंकीय अल्फा-न्यूमेरिक कोड है जो विशिष्ट रूप से RBI द्वारा विनियमित फंड ट्रांसफर सिस्टम में भाग लेने वाली बैंक-शाखा की पहचान करता है। MICR एक 9 अंकों का अद्वितीय कोड है जो चेक के माध्यम से धन के हस्तांतरण के लिए ECS में बैंक और बैंक शाखाओं की पहचान करता है।

बैंक में MICR कोड क्या है?

MICR का मतलब मैग्नेटिक इंक कैरेक्टर रिकग्निशन है। यह चेक के निचले भाग पर छपा 9 अंकों का कोड होता है और चेक की पहचान में सहायता करता है।


MICR क्या है in Hindi?

मैग्नेटिक इंक कैरेक्टर रिकॉग्निशन कोड, जिसे आमतौर पर MICR कोड कहा जाता है, एक 9-अंकीय कोड होता है जो उन बैंक शाखाओं की पहचान करता है जो (इलेक्ट्रॉनिक क्लियरिंग सिस्टम) में भाग ले रहे हैं

एमआईसीआर चेक क्या है और इसके फायदे?

MICR (चुंबकीय स्याही वर्ण पहचान) 1950 के दशक में आविष्कार की गई एक तकनीक है जिसका उपयोग चेक और अन्य कागजी दस्तावेजों की वैधता या मौलिकता को सत्यापित करने के लिए किया जाता है 

About Dhirendra singh

मेरा नाम Dhirendra Singh Bisht है और मैं इस Technet ME फाउंडर और owner हूं , दोस्तों मैंने अभी अपनी डिग्री पूरी की है और मुझे लोगों की समस्याओं का हल करना अच्छा लगता है और मुझे लोगों को नई नई चीजें सिखाने में और Technology Business Banking ,Marketing के बारे में अच्छी जानकारी है

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