Derivative trading क्या है ? Derivative trading के अर्थ प्रकार और फायदे

Derivative trading क्या है , Derivative trading kya hai in Hindi – What is derivative trading in Hindi –  दोस्तों ऐसे क्या आप जानते हो Trading  करने के और भी तरीके होते हैं और Derivative trading को Future ya option Trading भी कहते हैंदोस्तों जैसे कि आप जानते हो ट्रेडिंग बहुत ही जटिल वित्तीय प्रणाली होती है(Derivative trading क्या है)  इसमें पैसा बहुत ही ज्यादा बन जाता है और पैसा लग भी बहुत जाता है इसमें जितना फायदा होता है उतना ही रिस्क होता है

 Derivative एक Financial कांटेक्ट होता है अर्थात वित्तीय समझौता होता है जोकि Underlying assets  अर्थात अंतर्निहित संपत्तियों से अपनी कीमत वसूलता है यह Underlying assets एक्सचेंज रेट ब्याज दर या अन्य कोई टेक्निकल टर्म हो सकता है 

दोस्तों इस लेख को शुरू से लेकर अंत तक अवश्य पढ़ें इसमें आप जाने वाले हो कि Derivative trading क्या है ,Derivative trading meaning in Hindi ,Derivative trading kaise karen, Derivative trading के फायदे चलिए जानते हैं 

Derivative trading क्या है ? Derivative trading के अर्थ प्रकार और फायदे

Derivative trading क्या है – What is derivative trading in Hindi

Derivative trading क्या है : – डेरिवेटिव  ट्रेडिंग को फ्यूचर या ऑप्शन ट्रेडिंग भी कहते हैं इसकी शुरुआत भारत में सन 2000 के अंतर्गत हुई थी डेरिवेटिव ट्रेडिंग के अंदर रिटर्न की संभावना सर्वाधिक होती है 

डेरिवेटिव ट्रेडिंग मार्केट में डेरिवेटिव्स को खरीद और बेचकर की जाती है अर्थात डेरिवेटिव ट्रेडिंग के अंतर्गत डेरिवेटिव कोखरीदा और बेचा जाता हैडेरिवेटिव ट्रेडिंग लोंग टर्म और short-term दोनों प्रकार के निवेशकों को अच्छा रिटर्न देती हैडेरिवेटिव ट्रेडिंग आमतौर पर शेयर मार्केट के बिजनेस घंटों के हिसाब से की जाती है 

 

Derivative meaning in Hindi :  Derivative meaning 

Derivative meaning in Hindi –  दोस्तो डेरिवेटिव का हिंदी मतलब अर्थात हिंदी मीनिंग “ योगिक ” होता है इसी प्रकार डेरिवेटिव ट्रेडिंग का मतलब होता है ‘ योगिक का व्यापार ’ और यह योगिक किसी कंपनी के स्टॉक्स के होते हैं जीने हम डेरिवेटिव्स कहते हैं 

 

Derivative trading के प्रकार – Types of derivative trading in Hindi 

Derivative trading के प्रकार :- डेरिवेटिव ट्रेडिंग को कॉन्ट्रैक्ट की शर्तों के हिसाब से अलग-अलग ट्रेडिंग भागों में विभाजित किया जाता है दोस्तों सभी जानते हैं डेरिवेटिव ट्रेडिंग के कितने प्रकार हैं 

  • फ्यूचर ट्रेडिंग – (Future trading ) 

Future trading कॉन्ट्रैक्ट के अंदर पूर्व निर्धारित मूल्य और समय के अनुसार अपने कॉन्ट्रैक्ट खरीदने और बेचने के लिए बाध्य होता है लेकिन फ्यूचर ट्रेडिंग के अंदर शर्ते सभी के लिए समान होती है अर्थात हमें फ्यूचर ट्रेडिंग को निश्चित समय के अंतर्गत ही पूरा करना होता है हमें इसके लिए तो समय नहीं मिलता है 

  • फॉरवर्ड ट्रेडिंग – (Forward trading )

फ्यूचर ट्रेडिंग में जिस प्रकार दोनों पक्ष पहले से ही निश्चित समय और कॉन्ट्रैक्ट के हिसाब से लेन-देन करते हैं और दोनों ही समय और कॉन्ट्रैक्ट के लिए बाध्य  होते हैं लेकिन फॉरवर्ड ट्रेडिंग में विक्रेता समय अनुसार और जरूरत के हिसाब से अपनी शर्तों को बदल सकता है 

  • ऑप्शन ट्रेडिंग – (Option trading )

ऑप्शन ट्रेडिंग में खरीदार और विक्रेता को  किसी प्रकार की बाध्यता नहीं होती है इन दोनों  के पास पहले से निर्धारित समय और मूल्य पर बेचने का ऑप्शन होता है इसमें ट्रेडर के पास में पर्याप्त ऑप्शन होते हैं वह चाहे तो अपना कॉन्ट्रैक्ट कैंसिल भी कर सकता है 

  • स्वैप ट्रेडिंग –  (Swap trading )

स्वैप ट्रेडिंग के अंतर्गत नकदी का प्रवाह अधिक होता है स्वैप ट्रेडिंग दूसरी तरफ परिवर्तनशील भी होता है सुबह ट्रेडिंग के अंतर्गत संपत्ति का मूल्य ब्याज दर ,फॉरेक्स एक्सचेंज रेट ,सूचकांक मूल्य इत्यादि निर्भर करते हैं 

 

Derivative trading कहां की जाती है – derivative trading in Hindi 

 Derivative trading  को अलग-अलग क्षेत्रों में अलग-अलग तरीके से की जाती है चलिए जानते हैं कि डेरिवेटिव ट्रेडिंग कहां कहां की जाती है 

  • करंसी डेरिवेटिव्स – (Currency derivatives )

करंसी डेरिवेटिव्स के अंतर्गत करेंसी के खरीदने बेचने के लिए कॉन्ट्रैक्ट का आदान प्रदान किया जाता है जैसे रुपया यूरो डॉलर पोंड इत्यादि के मूल्य में उतार-चढ़ाव आते हैं और लोग इनके ही कॉन्ट्रैक्ट को खरीद और बेचकर अच्छा खासा मुनाफा कमाते हैं 

  • इक्विटी डेरिवेटिव्स – (Equity derivatives )

इक्विटी डेरिवेटिव्स के अंतर्गत देश के किसी भी स्टॉक एक्सचेंज पर लिस्टेड कंपनी के इक्विटी शेयर के कॉन्ट्रैक्ट को खरीदना और बेचना इक्विटी डेरिवेटिव्स कहलाती है 

  • कमोडिटी डेरिवेटिव्स – (Commodity derivatives )

कमोडिटी डेरिवेटिव्स के अंतर्गत गेहूं जौ सरसों सोयाबीन चना क्रूड आयल नेचुरल गैस इत्यादि को खरीदने और बेचने का कॉन्ट्रैक्ट किया जाता है 

 

Derivative trading कैसे करें – हाउ टू डू डेरिवेटिव ट्रेडिंग

Derivative trading कैसे करें – डेरिवेटिव ट्रेडिंग अंडर ट्रेडिंग की तरह ही होती है लेकिन इसमें कुछ समानता भी होती है और कुछ भिन्नता भी होती है और कुछ आवश्यकता है भी होती हैं जिन्हें हमें डेरिवेटिव ट्रेडिंग करने से पहले ही पूरी कर लेनी चाहिए 

  1. डेरिवेटिव ट्रेडिंग करने वाले या किसी भी ट्रेडर्स के पास में अपना एक एक्टिव डीमेट अकाउंट होना चाहिए जिसमें वह डिजिटल सिक्योरिटीज को स्टोर कर सके 
  2. उस व्यापारी या ट्रेडर्स के पास में एक ट्रेडिंग अकाउंट भी होना चाहिए जो कि उसके डिमैट अकाउंट के साथ कनेक्ट हो और उसमें कुछ पैसे भी ऐड होने चाहिए जिससे वे समय आने पर अपने ट्रेडिंग के लिए खर्च कर सके 
  3. ट्रेडर्स या व्यापारियों को एक फंड जमा करके रखना चाहिए जोकि अंडर लाइन एसिड्स के कुल संपत्ति के मूल्य में उतार-चढ़ाव का कुछ प्रतिशत हो इस प्रक्रिया को मार्जिन का रखरखाव कहते हैं 
  4.   सेबी  के  न्यू  मार्जिन रूल्स के अनुसार हमारे पास लगभग 75 या 100% मार्जिन मनी होनी चाहिए उसके बाद ही हम कॉन्ट्रैक्ट की ट्रेनिंग में हिस्सा ले सकते हैं 

 

Derivative trading के फायदे क्या है – Benefits of derivative trading in Hindi

Derivative trading के फायदे – Benefits of derivative trading – डेरिवेटिव ट्रेडिंग के कई सारे फायदे होते हैं चलिए जानते हैं कि डेरिवेटिव ट्रेडिंग के फायदे क्या है 

  • Derivative trading  के अंतर्गत व्यापार या ट्रेडिंग के अन्य रूप की तुलना में लेन देन कम लागत होती है अर्थात पैसे कम लगते हैं क्योंकि डेरिवेटिव्स रिस्क मैनेजमेंट के रूप में कार्य करते हैं
  • Derivative trading  कीमतों के उतार-चढ़ाव में एक मूल्यवान उपकरण साबित हो सकता है क्योंकि कीमतों में उतार-चढ़ाव पहले से ही कॉन्ट्रैक्ट में सकारात्मक प्रभाव डाल रहे हैं 
  • Derivative Trading  इन्वेस्टर्स को विभिन्न बाजारों में Price अंतर और उतार-चढ़ाव से हाई रिटर्न प्राप्त करने के लिए Arbitrage की सुविधा प्रदान करता है 

 

Derivative trading जरूरी बातें – Derivative trading Important 

डेरिवेटिव ट्रेडिंग बहुत ही Difficult  ट्रेडिंग सिस्टम होता है डेरिवेटिव ट्रेडिंग करने के लिए बहुत ही ज्यादा अनुभव की आवश्यकता होती है जिससे कि आप भविष्य में होने वाले उतार-चढ़ाव और मार्केट के बारे में अंदाजा लगा सके इसके लिए आपको विशेष ज्ञान और कौशल की आवश्यकता होती है 

दोस्तों यदि आप नए-नए इन्वेस्टर हो तो आप इस ट्रेडिंग को किसी अनुभवी और एक्सपीरियंस वाले बंदे यार रोककर के साथ में या उसकी देखरेख में ही करें वरना आप अपना पैसा loss कर   सकते हो 

फिर भी आज के ट्रेडिंग  सिस्टम लोगों के पास पहुंच चुका है और एक बहुत बड़ा वर्ग डेरिवेटिव ट्रेडिंग को करता है और वह ज्यादा रुपए छपता है क्योंकि वह पर्याप्त कौशल और एक्सपीरियंस रखता है 

 

Conclusion (निष्कर्ष ) 

दोस्तों अभी तक आपने जाना है कि Derivative trading क्या है ,Derivative trading meaning in Hindi ,Derivative trading kaise karen, Derivative trading के फायदे आशा करता हूं कि आपको यह लेख अच्छा लगा होगा और इससे आपको पर्याप्त जानकारी मिली होगी

 

 इस लेख को शुरू से लेकर अंत तक पढ़ने के लिए धन्यवाद इस लेख को अपने दोस्तों फ्रेंड सर्कल व्हाट्सएप और फेसबुक पर अवश्य शेयर करें इससे उनको भी इस महत्वपूर्ण जानकारी की प्राप्ति हो 

About Dhirendra singh

मेरा नाम Dhirendra Singh Bisht है और मैं इस Technet ME फाउंडर और owner हूं , दोस्तों मैंने अभी अपनी डिग्री पूरी की है और मुझे लोगों की समस्याओं का हल करना अच्छा लगता है और मुझे लोगों को नई नई चीजें सिखाने में और Technology Business Banking ,Marketing के बारे में अच्छी जानकारी है

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