candlestick chart क्या होता है? Candlestick chart को कैसे समझे Best trick

Candlestick chart kya hai , Candlestick chart in Hindi ,Bearish candlestick chart, Bullish candlestick chart in Hindi  -Candlestick chart टेक्निकल एनालिसिस में बहुत ही उपयोगी है। हमे पता हैंकी आप candlestick chart क्या होता है? और Candlestick chart को कैसे समझे? ये सीखना चाहते होगे, आप सही जगह पर आये हैं क्योंकि यहा हम आपको बताएंगे की candle chart kya hai ।

इस लेख में हम candle chart kya hai और caldle chart ko kaise samje इसके बातें विस्तार से चर्चा करेंगे। आप आगे पढ़ते रहें

 

candlestick chart

Candlestick chart क्या होता है | Candlestick chart kya hai in Hindi 

Candlestick chart का आकार मोमबत्ती जैसा होता है इसीलिए इसे candle कहा जाता है। Candle स्टिक पैटर्न Share की कीमत का एक ग्राफिक प्रतिनिधित्व है।

Candle  एक बॉडी और दो विक से बनती है। बिचमे जो चोरस या लंबचोरस आकार है इसे बॉडी कहा जाता है और जो ऊपर और नीचे लाइन होती है उसे विक या शेडो कहा जाता है जैसे की आपको नीचे तस्वीर में दिख रहा है।

Candle  चार रंग की होती है एक लाल और काले रंग की ओर एक नीले और सफेद रंग की।  लाल और काले रंग की Candle  को मंडी की Candle  यानी की बीयरिस Candle  कहा जाता है जबकि नीले और सफेद रंग की Candle  को तेजी की Candle  यानी की बुलिश Candle  कहा जाता है।

जब मार्केट ओपन होने के बाद उपर की तरफ यानी की तेजी में बंध होता है तब नीले या सफेद रंग की Candle  बनती है और जब मार्केट ओपन होने के बाद नीचे की तरफ बंद होता है यानिकि मंदी में बंध होता है तब मार्केट में काली या लाल रंग की Candle  बनती है। इससे हमें समझ में आता है कि मार्केट ऊपर जा रहा है या नीचे जा रहा है Share में तेजी है या Share में मंदी है मार्केट का ट्रेंड हम ऐसे समझ सकते हैं।

ज्यादातर ट्रेडर्स Candlestick chart को पढ़ना पसंद करते है क्योंकि Candlestick chart में लाइन चार्ट के मुकाबले में अधिक ज्यादा जानकारी शामिल होती है Candlestick chart से हम भविष्य में क्या होगा इसका अंदाजा लगा सकते है और Candlestick chart का उपयोग विदेशी करेंसी, Share, कमोडिटी, क्रिप्टोकरेंसी और इंडेक्स ये सब में किया जा सकता है।

 

Candlestick chart का इतिहास | Candlestick chart history 

Candlestick chart का आविष्कार 1850 के आसपास जापान में हुआ था इसलिए इसे जापानी Candle ास्तिक भी कहा जाता है। 18 वी सताब्दी में जापान के एक चावल के व्यापारी मुनेहिसा हाेमा ने Candlestick chart को बनाया था और तब Candlestick chart को चावल ट्रेडिंग में उपयोग किया जाता था। 1991 में स्टीव नाईसन ने अपनी बुक पश्चिमी देश में पब्लिस की थी जिसका नाम जापानी Candle स्टिक चार्टिंग टेक्निक्स था उसमे स्टॉक विश्लेषण के साथ-साथ फिबोनाची विश्लेषण जैसे अन्य विश्लेषणात्मक उपकरणों के उपयोग के बारेम बताया था।

चावल में उपयोग करते करते इसे Share में भी उपयोग किया जाने लगा और जब कंप्यूटर पॉपुलर हुए तब इसे डिजीटल रुप से बनाया गया और आज अधिकतर ट्रेडर्स Candlestick chart का उपयोग करते है।

 

Candle के दो विभिन भाग 

Candle  के दो भाग होते है एक है बॉडी और दूसरा विक जिसे कई लोग शेडो भी कहते है।

 

  • Candle  की बॉडी 

Candle  का बीच का चोरस या लंबचोरस हिस्से को Candle  की बॉडी कहा जाता है 

 

  • Candle  की शेडो या विक

बॉडी के उपर और नीचे लंबी लाइन होती है उस लाइन को कई लोग शेडो कहते है और कई लोग विक कहते है।

 

Candle  कितने रंग की होती है | Candle colour in Hindi 

Candle  के चार रंग होते है लेकिन एक चार्ट में दो रंग के ही नजर आते है मतलब या तो काला और सफेद रंग होगा या फिर लाल और नीला रंग होगा ये आप नीचे दी हुई इमेज में देख कर समझ जायेंगे।

 

यहां पर ब्लैक & वाइट

 और

Candlestick chart

 

 

  • सफेद और नीले रंग की Candle  का मतलब होता है बुलीश Candle  या तेजी की Candle 

 

  • काली और लाल रंग की Candle  का मतलब होता है बेयरिश Candle  या मंदी की Candle  

 

एक Candlestick chart  को कैसे समझे – Candle  क्या दर्शाती है?

 

एक Candle  आखिर कैसे बनती है और एक Candle  हमे क्या बताना चाहती है और Candle  का आकार बदलता कैसे है?

 

एक Candle  चार कीमतें मिलकर बनता है या एक Candle  चार कीमतें दर्शाती है open price, close price, high price और low price

 

  • High price

एक Candle  का जो सबसे ऊपरी हिस्सा है उसे Candle  का high कहा जाता है इसकी मदद से हमें पता चलता है कि मार्केट ऊपर कौन सी कीमत तक गया था।

 

  • Open price

एक Candle  जहा से बनाना शुरू होता है उसे Candle  की ओपन कीमत कहा जाता है। बुलीश Candle  में बॉडी के निचले भाग को ओपन प्राइस कहा जाता है और बियारिस Candle  में बॉडी के ऊपरी भाग को ओपन प्राइज कहा जाता है।

 

  • Close price 

मार्केट बंध होते वक्त जिस कीमत पर Candle  पूरी बन जाती है उस कीमत को क्लोज़ प्राइस कहा जाता है। बुलीश Candle  में बॉडी के ऊपरी भाग को क्लोज प्राइस कहा जाता है और बियरिस Candle  में बॉडी के निचले भाग को क्लोज प्राइज कहा जाता है।

 

  • Low price

एक Candle  का जो सबसे निचला हिस्सा है उसे Candle  का Low कहा जाता है इसकी मदद से हमें पता चलता है कि मार्केट नीचे कौन सी कीमत तक गया था।

नीचे दी गई इमेज में देख कर आप आसानी से high, open, close और low प्राइस को समझ सकते है।

 

विभिन्न समय की Candle  

कोई भी Candle  एक फिक्स टाइम इंटरवल के पीडियर को शो करता है जैसे 1 मिनिट की Candle , 5 मिनिट की Candle , 10 मिनिट की Candle , 15 मिनिट की Candle , 30 मिनिट की Candle , 1 घंटे की Candle , 2 घंटे की Candle , 4 घंटे की Candle , एक दिनकी Candle  और एक सप्ताह की Candle  जिसे एक विक की Candle  कहते है

मार्केट शुरू होते ही कीमत में उतार चढाव शुरू हो जाता है और Candle  बनना भी शुरू हो जाता है जैसे मेने आपको ऊपर बताया वैसे Candle  बनने लगती है 1 मिनट से लेकर 1 दिन और 1 विक की Candle  को भी हम चार्ट में देख सकते है। 1 मिनिट की Candle  1 मिनिट के टाइम पीरियड के open, high, low, close को दर्शाती है और एक विक की Candle  एक विक के open, high, low, close को दर्शाती है 

 

bearish Candle कैसे बनती है | Bearish Candle in Hindi 

उपर मेने आपको High, Open, Close और Low प्राइस क्या होती है ये समझाया अब हम उसे उदाहरण के सात समझते है और बुलिश Candle  कैसे बनती है, बियरिश Candle  कैसे बनती है ये भी समझते है।

सुबह 9:15 बजे मार्केट शुरू होते ही कोई xyz limited कंपनी के Share की कीमत 100 रुपए पर open हुई और 10 बजे तक High 113 रुपए तक गई और 1 बजे उसकी कीमत 92 रुपए तक नीचे गई या 92 रुपए का low लगाया और जब मार्केट बंध हुआ तब उसकी Close कीमत 95 रुपए थी। यहा मार्केट 100 रुपए पर ओपन हुआ था और 95 रुपए पर क्लोज हुआ इसीलिए लाल या काली Candle  बनेगी जो बेयरिश Candle  है 

 

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यहां पर एक इमेज बना कर रखनी पड़ेगी??

Candlestick chart

Open   100

High     113

Low      92

Close   95

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bullish Candle  कैसे बनती है

सुबह 9:15 बजे मार्केट शुरू होते ही कोई xyz limited कंपनी के Share की कीमत 95 रुपए पर open हुई और 10 बजे तक low 92 रुपए तक गई और 1 बजे उसकी कीमत 107 रुपए तक उपर गई या 107 रुपए का high लगाया और जब मार्केट बंध हुआ तब उसकी Close कीमत 100 रुपए थी। यहा मार्केट 95 रुपए पर ओपन हुआ था और 100 रुपए पर क्लोज हुआ इसीलिए नीली या सफेद Candle  बनेगी जो बुलिश Candle  है।

 

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यहां पर एक इमेज बना कर रखनी पड़ेगी??

Candlestick chart

Open   95

Low      92

High    107

Close   100

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ऊपर हमने बुलिश Candle  और बेयरिश Candle  के बारेमे सीखा की कौन सी बुलिश Candle  होती है या कौन सी बेयरिश Candle  होती है लेकिन इसके बाद भी बहोत सारी अलग अलग प्रकार को Candle  होती है जैसे की बिना शेडो की Candle  या बिना बॉडी की Candle  और ऐसे ही बहुत सारी Candle  मिलकर एक चार्ट बनता है जिसे Candle स्टीक चार्ट कहा जाता है। एक Candle स्टिक चार्ट अलग अलग प्रकार के शेप के Candle  और अलग अलग प्रकार के साइज के Candle  को मिलकर बनता है।

 

हम Candlestick chart  में टाइम इंटरवल अपने हिसाब से सेट कर सकते है। अगर हमने 1 मिनिट का टाइम सेट किया तो इसका मतलब एक Candle  एक मिनिट के टाइम की होगी वैसे ही हमने अगर 1 दिन का टाइम सेट किया तो इसका मतलब एक Candle  एक दिन की होगी।

 

Candlestick chart in hindi – निष्कर्ष 

दोस्तों इस लेख को शुरू से लेकर अंत तक पढ़ने के लिए धन्यवाद अभी तक आपने इस लेख के माध्यम से जाना कि Candlestick chart kya hai , Candlestick chart in Hindi ,Bearish candlestick chart, Bullish candlestick chart in Hindi  –Candlestick chart टेक्निकल एनालिसिस में बहुत ही उपयोगी है आशा करता हूं कि आपको यह लेख अच्छा लगा होगा और इससे आपको अवश्य कोई न कोई महत्वपूर्ण जानकारी मिली होगी 

About Dhirendra singh

मेरा नाम Dhirendra Singh Bisht है और मैं इस Technet ME फाउंडर और owner हूं , दोस्तों मैंने अभी अपनी डिग्री पूरी की है और मुझे लोगों की समस्याओं का हल करना अच्छा लगता है और मुझे लोगों को नई नई चीजें सिखाने में और Technology Business Banking ,Marketing के बारे में अच्छी जानकारी है

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