अरुण ग्रह क्या है – अरुण ग्रह पृथ्वी से कितना दूर है – जानिए अरुण ग्रह के 11 रहस्य – Uranus in hindi

अरुण ग्रह क्या है , अरुण ग्रह की उत्पत्ति कब हुई, अरुण ग्रह पर कौन सी गैस पाई जाती है,अरुण ग्रह का सबसे बड़ा उपग्रह कौन सा है, सूर्य के एक चक्कर लगाने में लगा समय, अरुण ग्रह का वजन कितना है, क्या अरुण ग्रह पर मानव जीवन संभव है  –  हेलो दोस्तों आज हम अरुण ग्रह के बारे में जानेंगे अरुण ग्रह क्या है इसकी उत्पत्ति कब हुई व कहां और कैसे हुईऔर क्या अरुण ग्रह पर मानव जीवन संभव हो सकता है| जैसा कि दोस्तों हम सभी जानते हैं कि हमारे सौरमंडल में सूर्य और 8 ग्रह हैं और उनके उपग्रह है सूर्य केंद्र में रहता है और यही सबसे बड़ा पिंड है|

और आठवां ग्रह इस सबसे बड़े पिंड के चारों ओर चक्कर लगाते हैं और सभी ग्रहों के उपग्रह अपने अपने ग्रहों के चक्कर लगाते हैं इनमें से ही एक ग्रह है अरुण या यूरेनस जो बाकी ग्रहों से कुछ ज्यादा ही अलग है|

अरुण ग्रह क्या है अरुण ग्रह से पृथ्वी की दूरी
अरुण ग्रह क्या है अरुण ग्रह से पृथ्वी की दूरी

तो आइए जानते हैं दोस्तों इन सबके बारे में विस्तार से—

अरुण ग्रह क्या है –

यूरेनस हमारे सौर मंडल में सूर्य से सातवां ग्रह है व्यास के आधार पर यह सौर मंडल का तीसरा और द्रव्यमान के आधार पर चौथा बड़ा ग्रह माना जाता है| द्रव्यमान में यह पृथ्वी से 14.5 गुना अधिक भारी और आकार में पृथ्वी से 63 गुना अधिक बड़ा है| अरुण ग्रह पृथ्वी से भी बड़ा ग्रह माना जाता है इस ग्रह को भारी ग्रह भी कहा जाता है|

अरुण ग्रह लेटा हुआ ग्रह भी कहते हैं क्योंकि यह अपने अक्ष पर 97.77 डिग्री झुका हुआ है| अभी यह ग्रह अपने अक्ष पर लड्डू की तरह घूमता है क्योंकि अरुण उठती हुई गेंद की तरह और बर्फ की अधिकता के कारण अरुण को बर्फ दानव भी कहा जाता है| लेटा हुआ ग्रह है हमारे सौरमंडल में उपस्थित सूर्य के बाद सातवां बड़ा ग्रह पाया जाता है|

जिसे अरुण के नाम से जाना जाता है| यही कारण है कि यह अपने अक्ष पर लगभग 82° झुका हुआ है| जिससे यह लेटा हुआ दिखाई देता है इसीलिए इसे लेटा हुआ ग्रह भी कहा जाता है इसका आकार पृथ्वी से 4 गुना बड़ा है और यह देखने में भी बहुत बड़ा दिखाई देता है लेकिन इसे बिना दूरबीन के नहीं देखा जा सकता|

अरुण ग्रह पृथ्वी से कितना दूर है?

अरुण ग्रह हमारे सौरमंडल में सूर्य से दूरी के मामले में सातवां ग्रह है. इसकी पृथ्वी से औसत दूरी लगभग 2.8479 billion किलोमीटर है (जैसे हमारी पृथ्वी सूर्य से लगभग 15 करोड़ किलोमीटर दूर है

 

अरुण ग्रह की उत्पत्ति कब हुई—

13 मार्च 1781 मैं विलियन हर्षल ने अरुण की खोज की घोषणा की अरुण दूरबीन द्वारा पाए जाने वाला पहला ग्रह था|

 

अरुण ग्रह पर कौन सी गैस पाई जाती है – अरुण ग्रह पर कौन सी गैस पाई जाती है?

संग्रह में बर्फ और पत्थर अधिक पाए जाते हैं इसकी बाहरी आवरण में 82.5% हाइड्रोजन 2.3% मिथेन. 15.2% हिलियम गैस है| वैज्ञानिकों का मानना है अरुण ग्रह में मिथेन गैस की अधिकता तापमान और हवा के कारण हीरे की बारिश होती है अरुण ग्रह को ठंडा ग्रह भी कहा जाता है|

अरुण ग्रह की सूर्य से दूरी 2,870,972,200 (287 करोड़ )किलोमीटर है।  अरुण ग्रह नाम पर ही यूरेनियम पदार्थ का नाम रखा गया है|

अरुण ग्रह अपनी दूरी अक्ष पर 97.77 गिरी चुका है जैसे  पृथ्वी अपने अक्ष पर 23.5 डिग्री झुकी हुई है अपने अक्ष पर सूर्य की तरफ कितना झुका हुआ होने के कारण इसे लेटा हुआ ग्रह भी कहा जाता है क्योंकि यह ग्रह दौड़ती हुई लुटती हुई गेंद की तरह दिखाई देता है|

अरुण ग्रह है सबसे बड़ा उपग्रह है कहा जाता है कि अरुण ग्रह की त्रिज्या 1,578 km  है जो कि हमारे चंद्रमा चंद्रमा से आधी ही है की खोज 1787 साल में की गई थी|

 

 

 

 अरुण ग्रह का सबसे बड़ा उपग्रह कौन सा है

 द्वितीय यान द्वारा ली गई एक टाइटेनिया की की तस्वीर टाइटेनिया अरुण ग्रह ग्रह का सबसे बड़ा और विशाल उपग्रह है| ऐसा माना जाता है और कहा जाता है यह चंद्रमा बर्फ और पत्थर के लगभग बराबर मात्राओं  से रचा हुआ है |अरुण ग्रह की सतह बर्फीली है और अंदर का जो हिस्सा है वह पथरीला है|

अरुण ग्रह की भारी आवरण में 82.5% हाइड्रोजन2.3% मिथेन 15.2% हिलियम गैस  है| एंड गेम्स की वजह से अरुण ग्रह का रंग नीला दिखाई पड़ता है| और इसी कारण अरुण ग्रह को नीला ग्रह कहा जाता है|

अरुण ग्रह आकार में तीसरा बड़ा ग्रह माना जाता है| इसकी खोज 1781 ई. मैं विलियन हर्षल द्वारा की गई थी| के चारों ओरनौ वलयों में पाँच वलयों का नाम अल्फा, बीटा, गामा, डेल्टा एवं इप्सिलॉन हैं इसमें धना वायुमंडल पाया जाता है इसमें मुख्य रूप से हाइड्रोजन व अन्य अन्य  गैस  से भी मुख्य रूप से पाई जाती है|

अरुण ग्रह अपने अक्ष पर पर पूर्व से पश्चिम की ओर घूमता है| जबकि अन्य ग्रह है पश्चिम से पूर्व की ओर घूमते हैं| सूर्योदय पश्चिम की ओर एम सूर्यास्त पूरब की ओर से होता है अरुण ग्रह है अपनी दूरी पर सूर्य की ओर इतना झुका हुआ है, की लेटा हुआ सा दिखाई पड़ता है इसीलिए इसे लेटा हुआ ग्रह भी कहा जाता है|

Arun Grah Par Ek Din – अरुण ग्रह पर एक दिन कितना होता है

इसके साथ ही सभी ग्रहों में से सबसे बड़ा ग्रह अरुण ग्रह को ही कहा जाता है इसके सभी उपग्रह भी पृथ्वी कि विपरीत दिशा में परिभ्रमण करते हैं| अरुण ग्रह का दिन करीब 17 घंटे 14 minute  का होता है और इनका तापमान 11°C होता है|

इसके 21 उपग्रह हैं जिनमें एरियल तथा मिरांडा प्रमुख हैं। अरुण ग्रह पर बादलों की अनेक पर ते पाई जाती है सबसे ऊपर जो पर पाई जाती है मीथेन गैस पाई जाती है अरुण ग्रह के केंद्र में बर्फ और पत्थर अधिक पाए जाते हैं| वैज्ञानिकों का मानना है कि अरुण ग्रह पर मीथेन गैस की अधिकता तापमान और हवा के कारण हीरे की बारिश होती है| अरुण ग्रह का 1 साल पृथ्वी के  84 साल चाल के बराबर होता है|

 सूर्य के एक चक्कर लगाने में लगा समय – 

अरुण ग्रह का एक दिन पृथ्वी के 17 घंटे 14 मिनट के बराबर होता है और यह कहा जाता है| कि अरुण ग्रह तक सूर्य की किरणों को पहुंचने में 2 घंटे 40 मिनट लगते हैं जो कि पृथ्वी से 20 गुना अधिक समय लगता है|

अरुण ग्रह का वजन कितना है –

8।681 × 10^25 kg है जो पृथ्वी के वजन से 14 गुना ज्यादा है|

अरुण ग्रह की कुल 23 प्राकृतिक चंद्रमा है इन सभी के नाम एलेग्जेंडर पोप और शेक्सपियर की रचनाओं के नाम पर रखा गया है।  5 चंद्रमाओं का नाम मिरांडा, टाइटेनिया, ओबेरॉन, एरियल और अम्ब्रियल है। सभी उपग्रहों में टाइटेनिया सबसे बड़ा उपग्रह है –

अरुण ग्रह सौरमंडल का सबसे ठंडा ग्रह है | यहां का न्यूनतम तापमान 224 डिग्री सेंटीग्रेड पाया जाता जाता है | अरुण ग्रह का व्यास 51118 किलोमीटर है अरुण ग्रह की सूर्य से दूरी 2,870,972,200 किलोमीटर है| अरुण ग्रह के नाम पर ही यूरेनियम पदार्थ का नाम भी रखा गया है |

क्योंकि यह मुख्य रूप से बर्फ से बना हुआ ग्रह है इसकी बाहरी आवरण में हाइड्रोजन मिथेन हिलियम गैस पाई जाती है मीथेन गैस की वजह से इस ग्रह का रंग नीला दिखाई पड़ता है अरुण ग्रह की खोज अंटार्कटिका महाद्वीप की खोज से पहले हुई है—

 

 

अरुण ग्रह के नाम ग्रीक देवता के के नाम पर रखा गया है यह माना जाता है कि यूनिस सनी के पिता थे—

इस ग्रह में ग्रीष्म ऋतु 42 साल लंबी होती है | अरुण ग्रह आयतन के हिसाब से इतना बड़ा ग्रह है कि इसमें 63 पृथ्वी समा सकती है| 

पृथ्वी की तुलना में अरुण ग्रह पर गुरुत्वाकर्षण बल कम है यदि पृथ्वी पर कोई वस्तु 10 फीट की ऊंचाई पर चलती है तो अरुण ग्रह पर 11 फीट की ऊंचाई पर चलती है इसी तरह यदि कोई वस्तु का भार पृथ्वी पर 100 किलोग्राम है तो अरुण ग्रह पर 92 किलोग्राम होगा इसीलिए अरुण ग्रह को सबसे बड़ा ग्रह कहा जाता है|

 

क्या अरुण ग्रह पर मानव जीवन संभव है–

नहीं दोस्तों अरुण ग्रह पर मानव जीवन संभव नहीं है क्योंकि इस ग्रह पर  मिटटी-पत्थर की बजाय अधिकतर गैसे पाई जाती है | और इनका आकार बहुत ही विशाल है पानी व बर्फ़ के अतिरिक्त इनमें जमी हुई अमोनिया और मीथेन गैसों की बर्फ़ भी है। जो कि काफी हानिकारक होती है इस कारण अरुण ग्रह पर मानव जीवन संभव नहीं हो सकता है|

About Dhirendra singh

मेरा नाम Dhirendra Singh Bisht है और मैं इस Technet ME फाउंडर और owner हूं , दोस्तों मैंने अभी अपनी डिग्री पूरी की है और मुझे लोगों की समस्याओं का हल करना अच्छा लगता है और मुझे लोगों को नई नई चीजें सिखाने में और Technology Business Banking ,Marketing के बारे में अच्छी जानकारी है

Leave a Comment